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तौरात किताब हिंदी में (Taurat Kitab in Hindi)
कुरआन (सूरा अल-मायदा, 5:44) में इसे "हिदायत और नूर" (मार्गदर्शन और प्रकाश) कहा गया है.
इसमें मूसा के अंतिम उपदेश और कानून शामिल हैं.
चूंकि तौरात बाइबिल का ही शुरुआती हिस्सा है, इसलिए आप किसी भी बुकस्टोर या ऑनलाइन माध्यम से 'हिंदी बाइबिल' खरीद सकते हैं। इसके पहले पांच अध्यायों (उत्पत्ति, निर्गमन, लैव्यव्यवस्था, गिनती, व्यवस्थाविवरण) को पढ़कर आप तौरात का पूरा ज्ञान हासिल कर सकते हैं। taurat kitab hindi
के बारे में जानकारी चाहते हैं?
तौरात का इतिहास और इसके मुख्य हिस्से
इसमें सृष्टि की रचना, हज़रत आदम, और हज़रत याकूब तक का इतिहास है.
तौरात में धार्मिक नियमों, इतिहास और नैतिकता का वर्णन है। इसके मुख्य विषयों में शामिल हैं: सृष्टि की रचना: This public link is valid for 7 days
ईश्वर का नाम बेअदबी या झूठी कसम के लिए न लेना।
तौरात (Taurat) दुनिया की सबसे पुरानी और पवित्र आसमानी किताबों में से एक है। इस्लामिक और यहूदी इतिहास में इसका एक बहुत ही ऊंचा और खास मुकाम है। जब बात आती है की, तो बहुत से लोग इंटरनेट पर इसके इतिहास, महत्व और इसमें लिखी बातों को अपनी मातृभाषा हिंदी में समझना चाहते हैं।
इस्लाम और आधुनिक तौरात पर दृष्टिकोण
सब्त (Sabbath - पवित्र दिन) का सम्मान करो और उस दिन आराम करो। Can’t copy the link right now
इस लेख में हम तौरात किताब से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को गहराई से समझेंगे ताकि आपको इसके बारे में पूरी और सही मालूमात मिल सके।
3. इस्लामिक दृष्टिकोण से तौरात की व्याख्या
इस्लाम धर्म में तौरात पर ईमान (विश्वास) लाना अनिवार्य माना गया है। कुरान मजीद में कई स्थानों पर तौरात का जिक्र सम्मान के साथ किया गया है। कुरान के अनुसार, तौरात में नूर (प्रकाश) और हिदायत (मार्गदर्शन) था।